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जनवरी 2030 में विवाह की तारीख़ें

उत्तर भारत के लिए सार्वजनिक पंचांग के अनुसार 2 अनुकूल, 6 मिश्रित और 23 टालने लायक दिन (सूर्योदय का समय नई दिल्ली (IST) के अनुसार)। यह कैलेंडर सभी के लिए एक जैसा है; आपकी अपनी श्रेष्ठ तारीख़ें आपकी कुंडली पर निर्भर करती हैं।

2 दिन अनुकूल हैं: 17 जनवरी (गुरुवार), फिर 28 जनवरी (सोमवार)। सबसे पहला दिन, 17 जनवरी (गुरुवार), शुक्ल त्रयोदशी और मृगशिरा नक्षत्र का है; उसका अभिजित मुहूर्त 12:07–12:55 और राहु काल 13:50–15:09 है।

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इस माह ये मौसमी बाधाएँ लागू हैं: खरमास, शुक्र अस्त। इनके भीतर आने वाले दिन "टालें" के रूप में चिह्नित हैं।

  • • खरमास के कारण 1–14 जनवरी को विवाह के दिन नहीं माने जाते (14 दिन)।
  • • शुक्र अस्त के कारण 1–12 जनवरी को विवाह के दिन नहीं माने जाते (12 दिन)।
  • मंगलवार · टालें
    कमियाँ: वार, तिथि, योग, खरमास, शुक्र अस्त
  • बुधवार · टालें
    कमियाँ: नक्षत्र, तिथि, योग, खरमास, शुक्र अस्त
  • गुरुवार · टालें
    कमियाँ: तिथि, खरमास, शुक्र अस्त
  • शुक्रवार · टालें
    कमियाँ: नक्षत्र, तिथि, योग, खरमास, शुक्र अस्त
  • शनिवार · टालें
    कमियाँ: वार, खरमास, शुक्र अस्त
  • रविवार · टालें
    कमियाँ: नक्षत्र, वार, योग, खरमास, शुक्र अस्त
  • सोमवार · टालें
    कमियाँ: नक्षत्र, तिथि, खरमास, शुक्र अस्त
  • मंगलवार · टालें
    कमियाँ: नक्षत्र, वार, योग, खरमास, शुक्र अस्त
  • बुधवार · टालें
    कमियाँ: नक्षत्र, तिथि, खरमास, शुक्र अस्त
  • गुरुवार · टालें
    कमियाँ: योग, खरमास, शुक्र अस्त
  • शुक्रवार · टालें
    कमियाँ: तिथि, करण, खरमास, शुक्र अस्त
  • शनिवार · टालें
    कमियाँ: नक्षत्र, वार, तिथि, खरमास, शुक्र अस्त
  • रविवार · टालें
    कमियाँ: नक्षत्र, वार, खरमास
  • सोमवार · टालें
    कमियाँ: नक्षत्र, खरमास
  • मंगलवार · टालें
    कमियाँ: वार, करण
  • बुधवार · मिश्रित
    शुक्ल द्वादशी · रोहिणी · कमियाँ: तिथि
  • गुरुवार · अनुकूल
    शुक्ल त्रयोदशी · मृगशिरा
  • शुक्रवार · टालें
    कमियाँ: नक्षत्र, तिथि, योग
  • शनिवार · टालें
    कमियाँ: नक्षत्र, वार, तिथि, योग
  • रविवार · मिश्रित
    कृष्ण प्रतिपदा · पुष्य · कमियाँ: नक्षत्र, वार, तिथि
  • सोमवार · मिश्रित
    कृष्ण द्वितीया · आश्लेषा · कमियाँ: नक्षत्र
  • मंगलवार · टालें
    कमियाँ: वार, करण
  • बुधवार · टालें
    कमियाँ: नक्षत्र, तिथि
  • गुरुवार · टालें
    कमियाँ: योग
  • शुक्रवार · मिश्रित
    कृष्ण षष्ठी · हस्त · कमियाँ: तिथि
  • शनिवार · टालें
    कमियाँ: नक्षत्र, वार, योग
  • रविवार · टालें
    कमियाँ: वार, तिथि, योग
  • सोमवार · अनुकूल
    कृष्ण दशमी · अनुराधा
  • मंगलवार · मिश्रित
    कृष्ण एकादशी · ज्येष्ठा · कमियाँ: नक्षत्र, वार, तिथि
  • बुधवार · टालें
    कमियाँ: तिथि, योग
  • गुरुवार · मिश्रित
    कृष्ण त्रयोदशी · पूर्वाषाढ़ा · कमियाँ: नक्षत्र, तिथि

हरे रंग के दिन अनुकूल, पीले-भूरे मिश्रित और लाल टालने लायक हैं। किसी दिन पर होवर करें या टैप करें: उसकी तिथि, नक्षत्र और कमियाँ दिखेंगी।

  • अनुकूल: इस दिन के पंचांग कारक विवाह के लिए अनुकूल हैं।
  • मिश्रित: कुछ कारक विवाह के लिए अनुकूल हैं, कुछ नहीं — उपयोग किया जा सकता है, पर सबसे अच्छा विकल्प नहीं।
  • टालें: विवाह के लिए पारंपरिक रूप से टाला जाता है — कोई मौसमी बाधा या प्रतिकूल कारक लागू है।

अनुकूल दिन

तारीख़तिथिनक्षत्रअभिजितराहु काल
17 जनवरी (गुरुवार)शुक्ल त्रयोदशीमृगशिरा12:07–12:5513:50–15:09
28 जनवरी (सोमवार)कृष्ण दशमीअनुराधा12:10–12:5808:31–09:52

बाकी दिन क्यों छूटते हैं

बाकी 29 दिन, जो अनुकूल नहीं हैं, ज़्यादातर इन कारणों से छूटते हैं: तिथि (18 दिन), नक्षत्र (17 दिन) और वार (13 दिन)।

सबसे करीबी विकल्प

तारीख़तिथिनक्षत्रकमियाँ
16 जनवरी (बुधवार)शुक्ल द्वादशीरोहिणीतिथि
21 जनवरी (सोमवार)कृष्ण द्वितीयाआश्लेषानक्षत्र
25 जनवरी (शुक्रवार)कृष्ण षष्ठीहस्ततिथि
31 जनवरी (गुरुवार)कृष्ण त्रयोदशीपूर्वाषाढ़ानक्षत्र, तिथि

उत्तर भारत और दक्षिण भारत की तुलना

उत्तर भारत में इस माह 2 अनुकूल और 6 मिश्रित दिन हैं; दक्षिण भारत में 2 अनुकूल और 6 मिश्रित। दोनों क्षेत्रों में अनुकूल: 17 जनवरी और 28 जनवरी।

दक्षिण भारत का कैलेंडर खोलें

विवाह के लिए क्या मायने रखता है

  • • शुक्र और गुरु बलवान और ग्रहण-मुक्त होने चाहिए
  • • पारंपरिक विवाह नक्षत्रों को प्राथमिकता दें: रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
  • • राहु काल और भद्रा (विष्टि करण) से बचें
  • • उत्तर भारत में पारंपरिक रूप से टाला जाता है: खरमास (सूर्य धनु या मीन राशि में), चातुर्मास (आषाढ़ शुक्ल 11 से कार्तिक शुक्ल 11), गुरु या शुक्र अस्त (एक क्षेत्रीय परंपरा)

अपनी कुंडली के अनुसार श्रेष्ठ तारीख़ पाएँ

यह कैलेंडर सभी के लिए एक जैसा है। मुहूर्त फाइंडर आपकी चंद्र बल, तारा बल, इस अवसर के मुख्य भाव और आपकी दशा में बदलाव भी जाँचता है, और आपके लिए उपयुक्त तारीख़ों को क्रम देता है।

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