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नवंबर 2029 में विवाह की तारीख़ें

उत्तर भारत के लिए सार्वजनिक पंचांग के अनुसार 3 अनुकूल, 3 मिश्रित और 24 टालने लायक दिन (सूर्योदय का समय नई दिल्ली (IST) के अनुसार)। यह कैलेंडर सभी के लिए एक जैसा है; आपकी अपनी श्रेष्ठ तारीख़ें आपकी कुंडली पर निर्भर करती हैं।

3 दिन अनुकूल हैं: 22 नवंबर (गुरुवार), फिर 23 नवंबर (शुक्रवार) और 28 नवंबर (बुधवार)। सबसे पहला दिन, 22 नवंबर (गुरुवार), कृष्ण द्वितीया और रोहिणी नक्षत्र का है; उसका अभिजित मुहूर्त 11:43–12:31 और राहु काल 13:26–14:46 है।

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इस माह ये मौसमी बाधाएँ लागू हैं: चातुर्मास, गुरु अस्त। इनके भीतर आने वाले दिन "टालें" के रूप में चिह्नित हैं।

  • • चातुर्मास के कारण 1–16 नवंबर को विवाह के दिन नहीं माने जाते (16 दिन)।
  • • गुरु अस्त के कारण 1–13 नवंबर को विवाह के दिन नहीं माने जाते (13 दिन)।
  • गुरुवार · टालें
    कमियाँ: चातुर्मास, गुरु अस्त
  • शुक्रवार · टालें
    कमियाँ: नक्षत्र, तिथि, चातुर्मास, गुरु अस्त
  • शनिवार · टालें
    कमियाँ: वार, तिथि, योग, चातुर्मास, गुरु अस्त
  • रविवार · टालें
    कमियाँ: वार, तिथि, योग, चातुर्मास, गुरु अस्त
  • सोमवार · टालें
    कमियाँ: नक्षत्र, तिथि, चातुर्मास, गुरु अस्त
  • मंगलवार · टालें
    कमियाँ: नक्षत्र, वार, तिथि, चातुर्मास, गुरु अस्त
  • बुधवार · टालें
    कमियाँ: चातुर्मास, गुरु अस्त
  • गुरुवार · टालें
    कमियाँ: नक्षत्र, योग, चातुर्मास, गुरु अस्त
  • शुक्रवार · टालें
    कमियाँ: तिथि, करण, चातुर्मास, गुरु अस्त
  • शनिवार · टालें
    कमियाँ: नक्षत्र, वार, चातुर्मास, गुरु अस्त
  • रविवार · टालें
    कमियाँ: वार, तिथि, योग, चातुर्मास, गुरु अस्त
  • सोमवार · टालें
    कमियाँ: नक्षत्र, योग, चातुर्मास, गुरु अस्त
  • मंगलवार · टालें
    कमियाँ: नक्षत्र, वार, तिथि, चातुर्मास, गुरु अस्त
  • बुधवार · टालें
    कमियाँ: नक्षत्र, तिथि, योग, चातुर्मास
  • गुरुवार · टालें
    कमियाँ: नक्षत्र, चातुर्मास
  • शुक्रवार · टालें
    कमियाँ: करण, चातुर्मास
  • शनिवार · टालें
    कमियाँ: वार, तिथि, योग
  • रविवार · मिश्रित
    शुक्ल त्रयोदशी · अश्विनी · कमियाँ: नक्षत्र, वार
  • सोमवार · टालें
    कमियाँ: नक्षत्र, तिथि, योग
  • मंगलवार · टालें
    कमियाँ: नक्षत्र, वार, तिथि, करण
  • बुधवार · टालें
    कमियाँ: नक्षत्र, तिथि, योग
  • गुरुवार · अनुकूल
    कृष्ण द्वितीया · रोहिणी
  • शुक्रवार · अनुकूल
    कृष्ण द्वितीया · मृगशिरा
  • शनिवार · टालें
    कमियाँ: नक्षत्र, वार, करण
  • रविवार · टालें
    कमियाँ: नक्षत्र, वार, तिथि
  • सोमवार · मिश्रित
    कृष्ण पंचमी · पुष्य · कमियाँ: नक्षत्र
  • मंगलवार · मिश्रित
    कृष्ण षष्ठी · आश्लेषा · कमियाँ: नक्षत्र, वार, तिथि
  • बुधवार · अनुकूल
    कृष्ण सप्तमी · मघा
  • गुरुवार · टालें
    कमियाँ: नक्षत्र, तिथि, योग
  • शुक्रवार · टालें
    कमियाँ: तिथि

हरे रंग के दिन अनुकूल, पीले-भूरे मिश्रित और लाल टालने लायक हैं। किसी दिन पर होवर करें या टैप करें: उसकी तिथि, नक्षत्र और कमियाँ दिखेंगी।

  • अनुकूल: इस दिन के पंचांग कारक विवाह के लिए अनुकूल हैं।
  • मिश्रित: कुछ कारक विवाह के लिए अनुकूल हैं, कुछ नहीं — उपयोग किया जा सकता है, पर सबसे अच्छा विकल्प नहीं।
  • टालें: विवाह के लिए पारंपरिक रूप से टाला जाता है — कोई मौसमी बाधा या प्रतिकूल कारक लागू है।

अनुकूल दिन

तारीख़तिथिनक्षत्रअभिजितराहु काल
22 नवंबर (गुरुवार)कृष्ण द्वितीयारोहिणी11:43–12:3113:26–14:46
23 नवंबर (शुक्रवार)कृष्ण द्वितीयामृगशिरा11:43–12:3110:48–12:07
28 नवंबर (बुधवार)कृष्ण सप्तमीमघा11:45–12:3312:09–13:27

बाकी दिन क्यों छूटते हैं

बाकी 27 दिन, जो अनुकूल नहीं हैं, ज़्यादातर इन कारणों से छूटते हैं: नक्षत्र (18 दिन), तिथि (17 दिन) और वार (12 दिन)।

सबसे करीबी विकल्प

तारीख़तिथिनक्षत्रकमियाँ
18 नवंबर (रविवार)शुक्ल त्रयोदशीअश्विनीनक्षत्र, वार
26 नवंबर (सोमवार)कृष्ण पंचमीपुष्यनक्षत्र
27 नवंबर (मंगलवार)कृष्ण षष्ठीआश्लेषानक्षत्र, वार, तिथि

उत्तर भारत और दक्षिण भारत की तुलना

उत्तर भारत में इस माह 3 अनुकूल और 3 मिश्रित दिन हैं; दक्षिण भारत में 3 अनुकूल और 4 मिश्रित। दोनों क्षेत्रों में अनुकूल: 22 नवंबर, 23 नवंबर और 28 नवंबर। चातुर्मास उत्तर भारत में लागू है, दक्षिण भारत में नहीं।

दक्षिण भारत का कैलेंडर खोलें

विवाह के लिए क्या मायने रखता है

  • • शुक्र और गुरु बलवान और ग्रहण-मुक्त होने चाहिए
  • • पारंपरिक विवाह नक्षत्रों को प्राथमिकता दें: रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
  • • राहु काल और भद्रा (विष्टि करण) से बचें
  • • उत्तर भारत में पारंपरिक रूप से टाला जाता है: खरमास (सूर्य धनु या मीन राशि में), चातुर्मास (आषाढ़ शुक्ल 11 से कार्तिक शुक्ल 11), गुरु या शुक्र अस्त (एक क्षेत्रीय परंपरा)

अपनी कुंडली के अनुसार श्रेष्ठ तारीख़ पाएँ

यह कैलेंडर सभी के लिए एक जैसा है। मुहूर्त फाइंडर आपकी चंद्र बल, तारा बल, इस अवसर के मुख्य भाव और आपकी दशा में बदलाव भी जाँचता है, और आपके लिए उपयुक्त तारीख़ों को क्रम देता है।

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